एंकर हरिद्वार के सर्वानंद घाट से दिल्ली के रामलीला मैदान तक निकाली जा रही विशाल पदयात्रा सोमवार को दूसरे दिन मंगलौर पहुंची, जहां दहियाकी शिव मंदिर के महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी के नेतृत्व में संतों और कार्यकर्ताओं ने यूजीसी (UGC) के प्रावधानों के प्रति कड़ा विरोध दर्ज कराया। मीडिया को संबोधित करते हुए महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी, यति परमात्मानंद गिरी और यति सत्यमित्रानंद गिरी ने वर्तमान सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इस कानून को तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो यह सनातनी समाज के भविष्य के लिए घातक सिद्ध होगा और देश में आंतरिक संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। पदयात्रा में शामिल संतों ने इसे धर्म और समाज की रक्षा का संकल्प बताते हुए घोषणा की कि 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में इस आंदोलन का समापन एक बड़े विरोध प्रदर्शन के रूप में होगा। इस अवसर पर सतीश शर्मा, योगेंद्र सालार, इसम सिंह चौधरी और अनुज बेनिवाल सहित भारी संख्या में हिंदू रक्षा संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में मांग की कि सरकार जनभावनाओं को समझते हुए इस विवादित कानून पर पुनर्विचार करे।
