ऋषिकेश में सिख व्यापारी के साथ मारपीट और दस्तार व दाढ़ी की बेअदबी की घटना से पछवादून में आक्रोश

ऋषिकेश में युवा सिख व्यापारी के साथ हुई घटना से आक्रोशित कांग्रेस एवं दशमेश सेवक जत्था के पदाधिकारियों का डेलिगेशन आज विकासनगर तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर कड़ी कार्यवाही की मांग की है कांग्रेस सोशल मीडिया सेल के प्रदेश एवं कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश प्रवक्ता के नेतृत्व में आज कार्यकर्ताओ ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण बहुत सारी कुर्बानियां और अत्याचार सहन करने के बाद हुआ है l प्रत्येक राजनीतिक दल और प्रत्येक सामाजिक संगठन का किसी तथ्य पर ध्यान दिलाना आवश्यक है कि उत्तराखंड में निवास करने वाले प्रत्येक समुदाय के व्यक्ति ने इस राज्य के निर्माण के लिए आंदोलन किया था और अत्याचार सहे थे व शहादत भी दी थी l इस तथ्य की पुष्टि के लिए खटीमा के शहीदों के नाम पर नजर डाली जा सकती है l उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए पहाड़ी मूल के लोगों ने तो कुर्बानी दी ही थी उनके साथ-साथ हर समुदाय के लोगों सरदारों और मुसलमानो ने भी इस राज्य निर्माण के लिए कुर्बानी दी थी l राज्य आंदोलन के खटीमा गोलीकांड के शहीदों पर नजर डालें तो इस तथ्य की पुष्टि हो जाएगी l
ओर कहा कि यह बात भी स्वत सिद्ध है कि उत्तराखंड पहाड़ी राज्य है और उत्तराखंड में निवास करने वाला प्रत्येक समुदाय का व्यक्ति पहाड़ी है l इसीलिए सत्ता पक्ष के मंत्री द्वारा पहाड़ियों के बारे में अपशब्द कहा जाना और इस क्रिया की प्रतिक्रिया के रूप में कुछ संगठनों द्वारा मूल रूप से पहाड़ी क्षेत्र के जो समुदाय नहीं है उनके विरुद्ध विषवमन किया जाना उत्तराखंड जैसे शांतिप्रिय राज्य के अमन में अँगारे फेंक रहा है lओर शासन आप चला रहे हैं इसलिए आपकी ही जिम्मेदारी है कि प्रदेश के किसी भी समुदाय के विरुद्ध किसी भी प्रकार की सोशल मीडिया पोस्ट, सड़क पर गाली गलौज वाली भाषा समुदाय को टारगेट करते हुए मारपीट बेअदबी रैली जुलूस किसी भी प्रकार के प्रशासनिक उत्पीड़न को तत्काल रोका जाए और सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इस प्रकार की घटना बिल्कुल ना हो l पहाड़ी हो देसी हो सिख हो या मुस्लिम हो किसी का भी उत्पीड़न उत्तराखंड में सहन नहीं किया जाना चाहिए l

वही कांग्रेसियों का कहना है कि ऋषिकेश प्रकरण में समाचार मिला है कि आरोपियों ने गुरुद्वारा पहुंचकर माफी मांग ली है परंतु, हमारी मांग यह है कि कानून को अपना काम करना चाहिए ताकि भविष्य के लिए सबक मिले और आगे चलकर इस प्रकार की कोई घटना ना हो l उन राजनैतिक लोगों के विरुद्ध भी एक्शन लिया जाये जो पहाड़ी समुदाय को गाली दे रहे हैं अथवा किसी अन्य समुदाय के विरुद्ध अभियान चला रहे हैं l

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