घाड टीवी..खानपुर रेंज की कुड़कावाला वन चौकी पर एक सप्ताह पहले यानी 26 मार्च को चीतल का मीट बनाया जा रहा था जिसकी चर्चा आस पास क्षेत्र मे आग की तरह फ़ैल गयी जिसमे 4 मासाहारी आरोपियों का नाम सामने था जिसमे मुख्य आरोपी सुनील? हुकम? आसू ? रवि को बनाया गया मगर जाते जाते मुख्य आरोपी ने ऐसा मायावी जाल फेंका की सिर्फ एक आरोपी को गुनहगार बनाया गया बाकि सब बाहर आ गये
वही मुख्य आरोपी की पत्नी भी DFO हरिद्वार के सामने गिड़गिड़ाई यही कारण है की आज डीएफओ की महरबानियों से खुला घुमा जा रहा है
प्रथम सवाल…..
10 किलो मीट को अकेला हुकम सिंह खाता या फिर हुकम का परिवार भी इसमें शामिल है
दूसरा सवाल…..
10 किलो मीट 4 दानव खाते या फिर उनका परिवार भी उसमे शामिल है जो मीट खाने मे शामिल होता
तीसरा सवाल
10 किलो मीट मे चार दानव के साथ अन्य वन कर्मी भी शामिल है जोकि मुख्य आरोपी सुनील के करीबी माने जाते है
चौथा सवाल
10 किलो मीट मे उच्च अधिकारी भी शामिल थे जिन्होंने नेशनल लेबल का मामला घरेलू बना दिया और 3 आरोपियों को रिहाई देकर एक को सजा करा दी
आप को बता दे की ऐसे क्या हुआ की मुख्य आरोपी की पत्नी से बात करते ही डीएफओ साहब की देश भक्ति जाग गयी और उन्हें फिर खुला छोड़ दिया जो समझ से बाहर है
डीएफओ वे रेंज अधिकारी आखिर आरोपियों को क्यों बचाना चाहते है
सूत्रों के मुताबिक फ़ोर्स गार्ड लोकल और भाजपा प्रधान कार्यकर्त्ता है जिन्होंने जेल गये आरोपी हुकम के परिवार को लॉलीपॉप दिया और उन्हें कानवेश कर अधिकारियो को भी मिठाइयाँ बांटी यही कारण रहा एक आरोपी ने सब आरोप अपने ऊपर लिया और उन्हें डीएफओ और करीबी रेंज आला अधिकारी की मदद से आजादी की मोहर लगवा ली
गुनहगार तों गुनहगार होता है
डीएफओ हरिद्वार पर कार्यवाही होनी चाहिये उन्होंने उन लोगो को बचाया है जिनकी वजह से उनका घर चलता है वन चौकी की पवित्र भूमि को अपवित्र करने वाले दरिंदे कैसे बच सकते है
अगर डीएफओ ने ही अपना ईमान बेच डाला क्या वन विभाग मे कोई ईमानदार अधिकारी नहीं है जो भृष्ट अधिकारियो को उनकी डुइटी समझाये और उनके घर का रास्ता दिखाये जोकि एक बड़ी और ऐतिहासिक कार्यवाही हो
चीतल जिसे पालने पर एक समाज के माताए अपनी छाती का दूध पिलाती हो और सलमान खान से स्टार को छठी का दूध या दिलाते हो ऐसे माओ को सलाम
चौकी इंचार्ज के साथ साथ सभी पर हो कार्यवाही बचाने वालों को भी नहीं बकसे राज्य सरकार
