भगवानपुर खानपुर रेंज के शहीदवाला ग्रंट में वन विभाग की गस्तिया टीम की लापरवाही के चलते आज फिर एक 55 वर्षीय किसान को बिगड़ैल जंगली हाथी ने मौत के घाट उतार दिया ये पहली बार नही बल्कि इससे कुछ दिन पहले भी बिगड़ैल हाथी ने किसान को मौत के घाट उतार दिया था जिसके चलते ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ जमकर विरोध किया था
आप को बता दे की बिगड़ैल हाथी द्वारा जब किसान को मौत के घाट उतारा गया तो किसान की चीख पुकार सुनकर भाई जब आया तो भाई की जान भी बामुश्किल बच पाई अब सवाल इस बात का है की आखिर कब तक किसान जंगली जानवरों की भूख बनते रहेंगे और वन विभाग कब कुंभकर्णीय नींद में सोते रहेंगे जो अपने आप में एक बड़ा सवाल है
वन विभाग की चाणक्य नीति ने सोचने पर मजबूर कर दिया एक मौत और बदले में 6 लाख रुपए यानी किसान की जान की कीमत बस लाख रुपया है जो जंगली जानवरों की भेंट चढ़ रहे है
ग्रामीणों ने बताया की राजाजी नेशनल पार्क से जंगली हाथियों का झुंड लगातार खेतो में नीचे आ रहा है जिसपर जंगली हाथी किसानों की फसलों को तो तबाह करते ही है मगर किसानों को भी मौत के घाट उतार रहे है जिसके चलते आस पास गावों में दहशत का माहौल बन रहा है
हालाकि 4 घंटे देर से पहुंचे पर ग्रामीणों ने खानपुर रेंजर मोहन सिंह रावत का जमकर विरोध देखा गया और वन विभाग की गस्तियां टीम पर गश्त ना करने का गंभीर आरोप लगाया जोकि एक बड़ा सवाल है
एसडीओ साधु लाल ने बताया की मृतक किसान को मुवावजा दिया गया है और पोस्मार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही उचित कार्यवाही की जायेगी
मृतक किसान के बेटे ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा की सुबह साढ़े पांच बजे की घटना है जबकि वन क्षेत्रधिकारी 4 घंटे देर से घटना स्थल पर पहुंचे जबकि बुग्गावाला पुलिस की तारीफ करते हुए कहा की पुलिस सूचना के बाद से ही घटना स्थल पर मौजूद है
