लकसर स्थित शुगर मिल में एक मजदूर की पानी से भरे नाले में गिरने से मौत होने का मामला सामने आया है। जिसमें मृतक के परिजनों ने मिल प्रबंधक पर लापरवाही के कारण युवक की मौत होने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं बल्कि परिजनों ने करीब चार घंटे तक शव को पीएम के लिए भी नहीं जाने दिया। वही ग्रामीणों ने परिवार को आर्थिक सहायता और उसकी पत्नी को नौकरी दिए जाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। जिसके चलते शवजनों एवं ग्रामीणों के बीच मिल प्रबंधक से आर्थिक सहायता को लेकर कई घंटों तक बातचीत चलती रही। जिसके कारण लगभग शाम 5 बजे तक पुलिस मजदूर के शव को पीएम के लिए नहीं ले जा सकी।
आपको बतादें की लक्सर स्थित राय बहादुर नारायण सिंह शुगर मिल में मनोज पुत्र धर्म सिंह निवासी अकोढा कलां उम्र करीब 34 वर्ष मेहनत मजदूरी किया करता था। सोमवार को भी वह सुबह मजदूरी पर आया हुआ था, इस दौरान वह काम करने की जगह से कुछ दूरी पर पानी पीने के लिए गया था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर उसके सहकर्मियों ने उसे देखा तो वह पानी की टंकी के पास बने एक गड्ढे में पड़ा हुआ था। इसके बाद उन्होंने दूसरे लोगों को इसकी जानकारी दी तो मौके पर पहुंचे लोगों ने मनोज को देखा तो उसकी सांस नहीं चल रही थी और मौके पर उसकी मौत हो चुकी थी। इस दौरान किसी ने घटना की सूचना पुलिस को दी, एम्बुलेंस लेकर मौके पर पहुँची पुलिस ने जब मनोज के शव को पीएम के लिए भेजने का प्रयास किया। इसी दौरान उसके साथ काम करने वाले दूसरे लोगों ने मनोज के शव को वहां से ले जाने नहीं दिया। सूचना पर पहुंचे उसके परिजनों ने भी मिल प्रबंधन पर लापरवाही के कारण मनोज की मौत होने का आरोप लगाया। इसके साथ ही करीब चार घंटे तक मनोज के परिवार को आर्थिक सहायता और उसकी पत्नी को नौकरी देने की मांग को लेकर मिल गेट पर ही धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान मिल प्रबंधन से कई घटों तक बातचीत एवं प्रदर्शन के बाद कुछ बात बनती नज़र आई। जिसमे सूत्रों से प्राप्त हुई जानकारी के आधार पर मृतक की पत्नी को नोकरी व आर्थिक सहायता के रूप में लगभग 13 लाख रुपए दिए जाने के आश्वासन पर मामला शांत होते नज़र आया। वही मौके पर पहुंचे लक्सर कस्बा चौकी प्रभारी नवीन चौहान ने बताया की मिल प्रबंधन द्वारा मृतक की पत्नी को नोकरी व 13 लाख रुपए का चैक दिया गया है। जिसके बाद परिजनों की सहमति के बाद शव को पीएम के लिए भेजा गया है।
