रॉयल्टी कंपनी के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश रात में ही बैठ रहे थे धरने पर पुलिस ने समझाकर भेजा घर


बुग्गवाला(हरिद्वार)
घाड टीवी..बुग्गावाला क्षेत्र में रॉयल्टी वसूल करने वाली कंपनी कर्मियों के अलग-अलग जगह चेक पोस्ट पॉइंट बने हुए हैं। बुधवार को जब रॉयल्टी कंपनी के कर्मचारियों ने बनवाला-बंजारेवाला चौक पर गोकुलवाला के पास सड़क किनारे टीन शेड का बना एक चेक पोस्ट बिंदु बनाया तो ग्रामीणों ने इस पर एतराज एतराज जताया। शाम से ही लोगों में चेक पोस्ट पॉइंट के प्रति गुस्सा इतना बढ़ा कि रात्रि 10 बजे तक ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा होती गई और कंपनी कर्मचारियों के प्रति गुस्सा बढ़ता गया। ग्रामीणों ने बताया कि पुल से लेकर चौक तक अधिक ढलान है जिस जगह यह चैक पोस्ट पॉइंट बना रहे हैं यहां पर तीन गांव के लोगों का निकास हैं और यह सिंगल रास्ता है जैसे ही चेक पोस्ट पर चेकिंग के लिए किसी वाहन को रोका जाएगा तो सिंगल रास्ता होने की वजह से हादसे होंगे खनन सामग्री से भरी गाड़ी को ढलान पर रोकना मुश्किल होगा जिससे हादसों की संभावना अधिक बढ़ेगी और सिंगल रास्ता होने की वजह से सड़क पर जाम लगेगा। साथ ही ग्रामीणों ने कि नदी किनारे के आसपास के जितने भी गांव हैं उन लोगों की जमीनें खेत बरसाती नदियों के कटाव से नदी में गिरी हुई है जिनका उन्हें बहुत अधिक नुकसान हुआ है और अगर कोई स्थानीय ग्रामीण अपने भवन निर्माण कार्य के लिए खनन सामग्री लेकर जाता है कंपनी कर्मचारी उसको पकड़ कर पेनल्टी लगाते हैं जाने से रोकते हैं यहां तक कि अगर अपने पशुओं के नीचे डालने के लिए मिट्टी भी लेकर जाता है तो उसको भी रोयल्टी के लिए बाध्य किया जाता है अगर नहीं अगर किसान रॉयल्टी नहीं लेता तो उसपर जुर्माना लगाया जाता है। किसानों ने सरकार से भी हाथ जोड़कर अपील की इस प्राइवेट कंपनी का सिकंजा स्थानीय ग्रामीणों के ऊपर से हटाया जाए स्थानीय ग्रामीणों की जमीन बरसाती नदियों के कटाव की वजह से नदी में तब्दील हो चुकी है और किसान अपने निजी निर्माण के लिए खनन सामग्री भी नहीं ले जा सकते जिसके चलते ग्रामीणों में बहुत अधिक आक्रोश पनप रहा है। रात्रि 10 बजे तक जब भीड़ बढ़ती गई और ग्रामीण धरना देने के लिए एकजुट होते गए तो बुग्गावाला थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझा बूझाकर घर भेजा और दिन में मामले पर बात करने की सहमति बनाई। ग्रामीणों ने दो टूक बात कहते हुए कहां कि अगर कंपनी की पॉलिसी स्थानीय ग्रामीण और नदी के आसपास बसे गांवों के लोगों के लिए नहीं बदलती तो हम लोग अनिश्चितकालीन विशाल धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। धरने के लिए एकत्रित हो रहे लोगों में मुख्य रूप से प्रीतम सैनी, सचिन सैनी, सोनू कुमार, रमेश सैनी, रिजवान अली, विपिन सैनी, राजन सैनी आदि दर्जनों लोग शामिल रहे।

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