भगवानपुर तहसील के घाड़ क्षेत्र का एक बदहाल गांव जिसका अधिकारियो से लेकर राज्य सरकार तक को मालूम नहीं जिस गांव के बच्चों को शिक्षा पाने के लिये कीचड से गुजरना पड़ता हैं जिसपर राज्य सरकार के विकास के दावे हवा हवाई नजर आ रहे हैं
बच्चे भी कीचड से निकलने के बाद सोचते होंगे की अंग्रेजो की गुलामी के बाद अब काले अंग्रेजो की गुलामी करनी पड़ रही हैं जो देश को सिर्फ खोकला कर रहे हैं
आप तस्वीरों मे साफ तौर पर देख सकते हो किस तरह स्कूली बच्चे कीचड मे निकल कर स्कुल से घर जा रहे हैं
दरअसल हम बात कर रहे हैं नौकराग्रंट के बाद्दीवाला गांव की जो सिर्फ सरकारी कागजो मे दर्ज हैं अगर जीरो ग्राउंड की बात करें तो विकास से कोसों दूर ये गांव राज्य सरकार को अपनी बदहाली के ताने मार रहा हैं
अब सवाल इस बात का हैं की आखिर हम कौन से हिंदुस्तान मे जी रहे हैं गाँधी वाले हिन्दुस्तान या अब के नेताओं के हिंदुस्तान मे जिसकी नीव भ्र्ष्टाचार पर रक्खी गई हैं
वही छात्राओं ने मिडिया के सवालों के जवाब मे कहा की सर हमारी सड़क बहुत गन्दी हैं सीएम साहब से बोलकर हमारी सड़क बनवा दीजिए सवाल बहुत बावुक था जो सायद सीएम साहब के दिल को भी पसीज दे हालकी पिछड़ा क्षेत्र होने के चलते ग्राम प्रधान से लेकर जनपतिनिधियों तक अपनी मनमानी कर रहे हैं जिसको लेकर सब अपनी मनमानी कर गावों मे भ्र्ष्टाचार कर योजनाओं को लूट रहे हैं
