किसअकरम राणा
भगवानपुर बुग्गावाला क्षेत्र कि नदियों से होने वाला खनन जोरो पर है जिसकी अच्छी सेटिंग है उसी के स्टोन क्रेशर चल रहे है सूत्रों कि माने तो खनन से लदे ट्रेक्टरो से प्रति माह 11 हजार रूपये लिये जाते है जो दो जगह बराबर बराबर बाँटे जाते है अगर मेने इशारा किया है तो आप समझ ही गये होंगे आखिर कौन सा बड़ा मगरमछ है जो छोटी छोटी मछलियों को निगल रहा है जगह जगह खनन कि ठेकेदारी करने वाले एजेंट बैठे है जो सब माल इकठा करने के बाद जगह सिर पहुंचाया जाता है
हम बात करेंगे लालावाला कुड़का वाला लाम मजाहिदपुर आदि जगहों कि जिसमे बड़े सफ़ेदपोशो के शह पर भारी मात्रा मे अवैध खनन का खेल खेला जा रहा है
दरअसल हरि गंगा स्टोन क्रेशर पर दो दिन पूर्व दो पक्षों मे खुनी संघर्ष हुआ था जिसमे एक पक्ष कि हालत गंभीर होने के चलते उन्हें एम्स रैफर कर दिया जबकि दूसरे पक्ष के भी कुछ चोटे आई जिसका इलाज चल रहा है
मामला क्रेशर मे हुआ विवाद वही खत्म होना चाहिए था जो स्टोन क्रेशर स्वामी कि जिम्मेदारी थी मगर ऐसा नही हुआ और बदले कि आग गाँव तक जा पहुंची जहाँ कुछ लोग गाँव पर हमले को लेकर उतारू हो गये हलाकि दोनों ही पक्ष वे लोग है जो एक दूसरे के खर बैठकर खाना खाते है जिनकी मिशाल दी जाती रही है
पहली गलती फिर दूसरी गलती जोकि स्टोन क्रेशर स्वामियों कि आँखों के सामने घटी मगर सच बोलने वाला कोई नही हलाकि स्टोन क्रेशर स्वामी भी किसी मुख्य पार्टी से जुड़े है जिनका अवैध खनन जोरो शोरो पर चल रहा है सब क्रेशर बंद हो जाते है मगर उची पहुंच होने के चलते इनपर कोई कार्यवाही नही कि जाती
आप को बता दे एक वक्त वो आयेगा ज़ब नदी घरो को उठाकर ले जायेगी क्योंकि घरो कि जड़ो से खनन उठाया जाता है चाहे हम लाम कि बात करे और या फिर मजाहिदपुर कि दोनों गावों के लिये आने वाला कल खौफनाक होगा जो सायद राज्य सरकार को नही पता
पुलिस कार्यवाही करे मगर स्टोन क्रेशरो पर भी कार्यवाही करे जिसके चलते लोग आपस मे भड़के है
