भगवानपुर डाडा जलालपुर बहुउद्देसीय किसान सेवा सहकारी समिति का चुनाव नहीं बल्कि बीरबल की खिचड़ी हो गया पहले वोटिंग दो घंटे देरी से शुरू हुई अगर कैंडिडेट जीत गये तो प्रमाण पत्र का सूखा पड गया जिसपर किसानों ने समिति पर जमकर हंगामा काटा हालांकि निर्वाचन अधिकारी ने ऊपर से दबाव की बात और मेरी नौकरी का सवाल हैँ बोलकर अपना पल्ला झाड़ते नजर आये मगर गाँव वाले लोगों का विरोध निर्वाचन अधिकारी को झेलना पड़ा
यानी एक पड़ा लिखा अधिकारी भी कही ना कही गुलामी की जंजीरो मे झकड़ा हुआ हैँ जोकि सविधान से मिली आजादी का हनन हैँ
हालांकि इस प्रकरण मे सभी कंडीडेट भारतीय जनता पार्टी को स्पोर्ट करने वाले हैँ मगर राज्य सरकार के इस फैसले पर किसानों मे सरकार के प्रति काफ़ी नाराजगीं दिखी
वही जीते हुए केंडिडेटो ने ढ़ोल नगाडो के साथ जीत की ख़ुशी मे मिठाइयाँ तो बटवा दी मगर कोर्ट के आदेश ने सबको चौका दिया
आप को बता दे की कुछ तो दवाव था जिस कारण जीत के प्रमाण पत्र नहीं दिये गये मगर साहब ये जो पब्लिक हैँ सब जानती हैँ
वही इस मौके पर कुछ लोगों मे आपसी कहा सुनी हुई तो बात लड़ाई झगड़े पर जा पहुंची एक तरफ सैनी समाज तो दूसरी और दलित समाज मे खूब मुक्कम मुक्का और लठम लट्ठा हुई मगर भगवानपुर पुलिस की दिलेरी की दात देनी होंगी गाँव को बड़े बवाल से बचा लिया जिसका श्रय मंडावर चौकी इंचार्ज को जाता हैँ
