भगवानपुर तहसील का एक ऐसा गांव जो पहले वन विभाग की गुलामी की जिंदगी जीता आ रहा है और आज उस गांव को अपने लोगो के लिये ही आंदोलन पर उतरना पड़ रहा है मामला वन गांव हरिपुर टोंगिया का है जहां एक भाजपा नेत्री ने कुछ बड़े नेताओं की शह पर गांव के गुरुद्वारे पर जाने वाले मुख्य मार्ग पर ही अवैध कब्जा कर लिया जिसकी फरियाद लेकर ग्रामीण जिलाधिकारी से लेकर वन विभाग के आलाधिकारियों तक गये मगर अधिकारियो पर राजनीति दबाव के चलते ग्रामीणों को मायूस ही बैठना पड़ा मगर सरदार अमरजीत सिंह ने ग्रामीणों के साथ आंदोलन की ठान ली और इंसाफ ना मिलने पर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गये
अब सवाल इस बात का है की गांव 1982 से गुलामी की जिंदगी जीता आ रहा है क्या अब भाजपा के कुछ ठेकेदारों की वजह से गुलामी की जंजीरों में गांव फिर जकड़ लिया जायेगा या फिर आने वाली नशले भी गुलामी की जिंदगी जीने पर मजबूर होगे सवाल बहुत बड़ा है जिसपर संबंधित अधिकारियों को कार्यवाही करनी चाहिए जिससे गुरुद्वारे में पूजा पाठ करने का रास्ता साफ हो और ग्रामीण बिना किसी कठिनाई के गुरुद्वारे में पूजा पाठ कर पाये
इस मौके पर अमरजीत सिंह जाहिद हसन सुभाष कुमार परमजीत सिंह उर्फ मिंटू परमजीत सिंह उर्फ रिक्की सुरेश कुमार उर्फ भूरा आदि लोग ग्रामीणों के साथ भूख हड़ताल पर बैठे
हरिपुर टोंगिया गांव में धरने पर बैठे ग्रामीण भाजपा नेत्री द्वारा किये गये रास्ते पर अवैध कब्जे को लेकर किया गया धरना प्रदर्शन