अकरम राव
भगवानपुर विधानसभा मे पीडब्लूडी द्वारा बनाई जा रही सड़के पूरी तरह भ्र्ष्टाचार की भेंट चढ़ गयी जिसमे पीडब्लूडी अधिकारी से लेकर ग्राम प्रधान तक शामिल है
दरअसल मानक मजरा गांव मे प्रधामंत्री द्वारा गांव से गांव जोड़ो योजना चलाई जा रही है जिसमे ग्राम सवराज योजना के तहत भगवानपुर विधानसभा के मानक मजरा गांव मे करोड़ों की लागत से पीडब्लूडी विभाग द्वारा बनाई जा रही इंटरलोकिंग टाइल्स सड़क निर्माण उस वक़्त भ्र्ष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है ज़ब दुरुस्त सड़कों पर मानको को अनदेखा कर उसपर टाइल्स बिछा दी जाती है यानी की आवाम द्वारा दिया गया टैक्स घूम फिर कर कमीशन बनकर भ्र्ष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है ओर आवाम को लगता है की गांव गांव विकास हो रहा है
वही ग्रामीणों की माने तों ग्राम प्रधान रिहाना पति अब्दुल मलिक सड़कों पर डाला जा रहे नदी के रेत पर भी ग्रामीणों से पैसा वसूल कर रहा है यानी अगर सड़क बनवानी है तों उसका भराव ग्रामीणों के पैसे द्वारा किया जायेगा जोकि एक कायदा क़ानून है जोकि ग्राम प्रधान द्वारा बनाया जाता है
इस बाबत ज़ब मीडिया ने पीडब्लूडी के जई से बात करनी चाही तों उनके द्वारा फोन नहीं उठाया गया या यूँ कहे अधिकारियो का काम सिर्फ आँखे बंद करना है बाकि कार्य ठेकेदार करते है सीमेंट कितना इंटे कितनी दूरी व वगैरा वगैरा जोकि सब खेल भ्र्ष्टाचार की आड़ मे किया जाता है यही कारण होता है ज़ब सडके दो साल से भी कम चलती है और राज्य की आर्थिक स्थिति डगमगा जाती है
अब सवाल इस बात का है ज़ब ठेकेदार ग्राम प्रधान से लेकर अधिकारियों को कमीशन देगा तों क्यों सड़कों को दुरुस्त बनने के सपने सजोये जाते है भ्र्ष्टाचार का खात्मा सिर्फ सपने मे देखा जा सकता है रियल मे तों नेता अधिकारी सब भ्र्ष्टाचार की नीव मे महल बनाकर आराम फरमा रहे है
