-हाई कोर्ट के न्याय मित्र और खनन अधिकारियों को बागेश्वर जिले में खड़िया खदानों का फिर से मौके मुआयना कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं ।मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने खनन की वजह से घरों में आयी दरारों के मामले का स्वतंत्र संज्ञान वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। हाई कोर्ट में अधिकारी पूर्व के आदेश के क्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए ।सुनवाई के दौरान एसपी बागेश्वर की ओर से कहा गया की खदानों की जांच हाईकोर्ट के दिशा निर्देश के तहत की जा रही है। जांच कमेटी के अध्यक्ष ने सुविधाएं न मिलने की वजह से जांच पूरी नहीं होने की बात की। न्याय मित्र ने अवगत कराया कि मामले अति गम्भीर है ।अवैध रूप से हुए खनन के कारण कई गांव में दरार आ गई है। हजार साल पुराने कालिका मंदिर में भी दरार आई है। स्पॉट स्टोन खनन करने के कारण पूरा जिला आपदा की जद में है। मामला यह था कि बागेश्वर जिले की कांडा तहसील के ग्रामीणों ने चीफ जस्टिस को पत्र भेजकर कहा था कि अवैध खड़िया खनन की वजह से उनकी कृषि, भूमि ,जल स्रोत ,पौराणिक मंदिर सहित गांव की भूमि में दरार आ चुकी है ।अवैध खनन पर रोक लगाई जाए। पहले खड़िया खनन से क्षेत्र वासियों को रोजगार मिलता था। लेकिन अब अधिक धन कमाने के लालच में खदान मालिक मशीनों से खदान कर रहे हैं ।इसकी वजह से दरारें आने लगी है ।इसलिए मशीनों का अवैध खनन पर रोग लगाई जाए।
खड़िया खदान का फिर मुआयना कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी