सअहमद फिरोज लक्सर
हरिद्वार के लक्सर से एक मुस्लिम परिवार अपनी बेटी के लिए दिन रात मित्र पुलिस से इंसाफ की गुहार लगा रहा है मगर पुलिस इस वक्त ना ही सुन सकती है ना ही बोल सकती है क्योंकि कारण सब को पता है और आवाम सब समझती है कहते है बेटी का कोई धर्म नही होता है बेटी ईश्वर की सबसे प्यारी कायनात में से एक है जिसे लक्ष्मी भी कहा जाता है हिंदू के घर जन्म लिया तो हिंदू और मुस्लिम के घर जन्म लिया तो मुस्लिम मगर एक माता पिता के लिए सिर्फ वे बेटी है जिसे समाज के कुछ तानाशाह किसी और नजरिए से देखते है
और ये भी एक कड़वा सच है अगर बेटी मुस्लिम समाज के बजाय हिंदू समाज की होती तो कई धर्म के ठेकेदार जो संस्था चला रहे है वो थाने का घेराव करते और लव जिहाद का वास्ता देकर पुलिस पर दबाव बनाते ओर घर पर तोड़फोड़ जैसे कई हथकंडे अपनाते जो संविधान से एक दम हटके है
दरअसल 26 जुलाई से एक मुस्लिम पीड़ित परिवार चौकी कोतवाली के चक्कर पर चक्कर काट रहा है मगर पुलिस कोई कार्यवाही करने को तैयार नही
पीड़ित परिवार ने बताया वह लक्सर के हबीबपुर कुड़ी गांव के निवासी हैं उन्होंने बताया कि 26 जुलाई को उनकी बेटी को रायसी गांव के दूसरे समुदाय के लड़के लेकर कहि फरार हो गये है जिसकी तहरीर पुलिस को देने के बाद भी पुलिस कोई कायर्वाही करने को तैयार नही।आखिर अब सवाल बनता है पुलिस कार्यवाही से क्यों बच रही है बेटी मुस्लिम है या फिर किसी पार्टी का दबाव जिन्होंने कानून को अपनी जेब की रौनक बना रखी है
पुलिस को ये बाते नकारनी होगी और मित्र पुलिस कार्यवाही कर साबित करे पुलिस कानून व्यवस्था दुरुस्त करने में जाति के आधार पर कार्य नही करती
